बीकानेर। दीवाली का त्योहार नजदीक है लेकिन इस बार मिठाइयों का स्वाद उपभोक्ताओं के लिए जेब पर भारी पडने वाला रहेगा। दूध, घी, खोया, सूखे मेवों और शक्कर समेत मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले सभी पदार्थों की कीमतों में पिछले छह महीने में आई 20 से 25 फीसदी की तेजी ने मिठाइयों की लागत में 30 फीसदी का इजाफा किया है। इस वजह से मिठाइयों की कीमत में 10 से 20 फीसदी तक की तेजी आ चुकी है। मिठाई के कारोबारियों के मुताबिक, अगर लागत में उछाल आया तो इसके दामों में और भी बढोतरी हो सकती है।
कारोबारियों के अनुसार पिछले पांच-छह महीनों में लागत में 30 फीसदी के करीब उछाल आया है। बिक्री को बरकरार रखने के लिए मार्जिन कम करना पड रहा है, लेकिन खोये, चीनी और घी की कीमतों में अगर अगले कुछ दिनों तक और तेजी आती है तो इससे हमें मिठाइयों की कीमतों को 10 से 15 फीसदी तक बढाना पड सकता है। जानकारों के मुताबिक, पिछले कुछ वक्त में मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले हर पदार्थ की कीमत बढी है। साथ ही पिछले छह महीनों में सूखे मेवों की कीमतों में करीब 30 से 35 फीसदी तक की तेजी देखी गई है। कुछ वक्त पहले तक 300 से 440 रुपए प्रति किलो पर बिकने वाले साबुत काजू की कीमत इस वक्त 350 से लेकर 700 रुपए पर चली गई है। इसी तरह से पिस्ते की कीमत में भी 200 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है। छह महीने पहले 28 रुपए प्रति किलो पर बिक रही चीनी आज 34 रुपए प्रति किलो पर चली गई है। इसी तरह से 130 - 145 रुपए प्रति किलो बिक रहा खोया 175 से 200 रुपए प्रति किलो जा पहुंचा है। घी की कीमतों में भी इस दौरान काफी तेजी आई है और 225-275 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। साथ ही 15 से 16 रुपए प्रति किलो बिकने वाला दूध 19 रुपए पर पहुंच गया है। दूधियों से मिलने वाले दूध की कीमत तो 22 रुपए प्रति लीटर तक है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग में भी जबरदस्त इजाफा होता है और जो दुकानदार एक हफ्ते में 100 किलो मिठाई बेचता है वह दीवाली के दौरान इतने ही वक्त में 500 किलो से ज्यादा मिठाई बेच लेता है।
Electrical Calculations software provides calculations and ratings for busbars, cable, power factor correction, motor starting, enclosure ventiation and many metric / imperial conversions and constants.