दीवाली के पॉचों दिनों दो-दो त्यौंहार
13 Oct
2009
त्यौंहारी तारीखों को लेकर आम आदमी मे असमंजस
बीकानेर, दीपावली धनतेरस के महज तीन दिन बचे है लेकिन इन त्यौंहारों को लेकर सभी मे एक संशय बना हुआ है, क्योंकि गृहों और तिथियों का ऐसा योग बना हुआ है कि दीपावली पर प्रत्येक दिन दो त्यौहार एक साथ मनाए जायेगा। एक ही दिन धनतेरस और रूपचतुदर्श होगी। इतना ही नही अन्य त्यौंहारी दिवसो पर भी दो तिथियों मेल होने के कारण पाँचों त्यौंहारो पर पांचो तिथियों का मेल हो रहा है। शहर के ज्योतिषियों के अनुसार ऐसा पहली बार हो रहा है पांचो दिनों की तिथियां एक दिन से दिन दुसरे तक प्रभावित रहेगी। ज्योतिष गणना के अनुसार आने वाले पॉच दिवसों पर कुछ इस तरह तिथियों का समय रहेगाः-
पंद्रह अक्टुबर को शाम चार बजकर चालीस मिनट तक द्वादशी तिथि होगी और इसके बाद त्रयोदसी होने से धनतेरस भी इसी दिन मनाई जाएगी। सोलह अक्टुबर को त्रयोदशी दोपहर ढाई बजे तक रहेगाी और फिर दीपदान दिवस चतुर्दशी शुरू होगा जो सत्रह अक्टुबर को साढे बारह बजे तक रहेगा। इसके बाद अमावस्या आरम्भ होगी और दीपावली मनाई जाती है। यह अमावस्या अगले दिन अर्थात् अट्ठारह अक्टुबर को सुबह ग्यारह बजकर दस मिनट तक रहेगी। और फिर प्रतिप्रदा शुरू होगा। इसी दिन गोर्वधन पुजा होगी। उन्नीस अक्टुबर को सुबह नो पैतांलीस बजे से भाई दूज मनाई गायेगी।
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