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RSS Friday, September 03, 2010




Short Stories

टिक्कड चटनी का भोग

एक गांव में एक पंडित जी भागवत कथा सुनाने आए। पूरे सप्ताह कथा वाचन चला। पूर्णाहुति पर दान दक्षिणा की सामग्री इक्ट्ठा कर घोडे पर  बैठकर पंडितजी रवाना होने लगे। गांव के धन्ना जाट ने उनके पांव पकड लिए। वह बोला- पंडितजी महाराज ! आपने कहा था कि जो ठाकुरजी की सेवा करता है उसका बेडा पार हो जाता है। आप तो जा रहे है। मेरे पास न तो ठाकुरजी है, न ही मैं उनकी सेवापूजा की विधि जानता हूं। इसलिए आप मुझे ठाकुरजी देकर पधारें। पंडित जी ने कहा- चौधरी, तुम्हीं ले आना। धन्ना जाट ने कहा...

बीरबल की बुद्धिमानी

अकबर बादशाह का दरबार सजा हुआ था। बीरबल दरबार में अनुपस्थित थे। तभी एक दरबारी ने खडे होकर कहा- जहांपनाह् ! आप हर काम के लिए बीरबल की सहायता लेते है। इसलिए हमें अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देने का अवसर नहीं मिलता। वैसे भी बीरबल हमसे आयु में छोटे है। फिर भी आप उसे हमसे अधिक सम्मान देते है, जबकि उस सम्मान के हकदार हम है। बादशाह बोले - तुम लोगों की सोच गलत है। बीरबल बहुत बुद्धिमान है, बुद्धिमत्ता में उसका मुकाबला कोई नहीं कर सकता। इसी वजह से मैं हर बात उससे ही पूछता हूं। दरबारियों...

व्यापारी की पत्नी

एक नगर में एक व्यापारी रहता था। उसकी पत्नी बहुत संदर थी। एक दिन पति-पत्नी अपने रिश्तेदारों से मिलने दूसरे गांव जा रहे थे। सफर की दूरी कम होने से वे दोनों पैदल ही चल दिए। मार्ग में एक गाडीवान किसान ने व्यापारी की पत्नी को देखा। उसके मन में पास का सांप जग गया। वह व्यापारी से बोला - महाशय ! आप कहां जाएंगे ? व्यापारी ने गांव का नाम बता दिया। किसान गांव का नाम सुनकर बोला - मैं भी उसी गांव में जा रहा हूं। आप अपनी पत्नी को मेरी गाडी में बिठाना चाहे तो...

तीर बने तुक्के

एक गांव में चार मूर्ख रहते थे। एक दिन चारों परदेस के लिए रवाना हुए। रास्ते में भुख लगी। एक वट वृक्ष के नीचे विश्राम किया। भोजन के लिए अलग-अलग काम बांटा गया। रोटियां तैयार हुई। घी लाने का काम किसी को नहीं सौंपा। परस्पर तनातनी बढी। घी कौन लाए ? आखिर फैसला हुआ कि जो पहले बोलेगा उसे घी लाना पडेगा। चारों पालथी मार बैठ गए। इतने में दो कुत्ते आए। सारी रोटियां खा गए। कोई भी नहीं बोला। रात हो गई। दो चोर चोरी करने आए। वृक्ष के नीचे अपने थैलों को ठीक करने लगे। इतने...

सच्ची लगन

 एक फकीर बगदाद शहर में इकतारा बजाते हुए घूम रहा थां अचानक उसके पांव में एक कील चुभ गई। कील चुभने से एक लंबी आह के साथ फकीर अपना पांव पकड कर रास्ते में ही बैठ गया। उसके पांव से लगातार खून बह रहा था। भक्तों की भीड फकीर के पास इक्ट्ठी हो गई। देखते ही देखते एक भक्त हकीम को बुला लाया। हकीम ने कील निकालने के लिए ज्योंही अपना हाथ बढाया, पांव छूते ही फकीर दर्द के मारे चीख पडा। हकीम कहने लगा - अभी तो मैंने कील के हाथ भी नहीं लगाया है। कील निकाले...

मन की माया

कन्फ्यूसियस चीन के बहुत बडे विचारक संत थे। एक दिन उनके पास एक जिज्ञासु आकर बोला- महाशय ! मैं मन को जीतकर उस पर अना अधिकार करना चाहता हूं। इसके लिए मैंने बहुत प्रयास किए, पर अभी तक मुझे सफलता नहीं मिली है। आफ बारे में सुना है कि आप बहुत बडे तत्व-चिंतक, विचारक एवं साधक है। कृपा करके आप ही मुझे राह दिखाएं। कन्फ्यूसियस उसकी बात सुनकर मुस्कराए और बोले - बंधु ! इतनी-सी बात के लिए तुमने यहां आने का कष्ट किया। खैर, यह बताओ कि तुम सुनते किससे हो ? जिज्ञासु ने...

और मनुष्य बुद्धिमान हो गए

 बहुत पुरानी बात है। अफ्रीका के किसी गांव में अनानसी नाम का एक व्यक्ति रहता था। पूरी दुनिया में वही सबसे बुद्धिमान था। सभी लोग उससे सलाह और मदद मांगने आते थे।एक दिन अनानसी किसी बात पर दूसरे मनुष्यों से नाराज हो गया। उसने उन्हें दण्ड देने की सोची। उसने यह तय किया कि वह अपना सारा ज्ञान उनसे हमेशा के लिए छुपा देगा ताकि कोई और मनुष्य ज्ञानी न बन सक। उसी दिन से उसने अपना सारा ज्ञान बटोरना शुरू कर दिया। जब उसे लगा कि उसने सारा ज्ञान बंटोर लिया है तो मिट्टी के एक...

बादशाह की ईमानदारी

बादशाह नासिरूद्दीन बहुत सच्चरित्र और ईमानदार था। उसन आजीवन राजकोष से एक भी पैसा नहीं लेकर अपनी हस्तलिखित पुस्तकों से जीवन निर्वाह किया। इतना बडा बादशाह होने पर भी उनके एक पत्नी थी। घरेलू कार्यों के अलावा रसोई में भी स्वयं बेगम ही काम करती थी। एक बार रसोई में काम करते समय बेगम का हाथ जल गया। बेगम ने बादशाह से कुछ दिनों के लिए रसोई के लिए एक नौकरानी रख देने की प्रार्थना की। बादशाह ने अस्वीकार करते हुए कहा-राजकोष पर मेरा कोई अधिकार नहीं है, वह तो प्रजा की ओर से मेरे पास धरोहर मात्र...

सही नजरिया

एक गुरू ने बारह साल तक गुरूकुल में अपने शिष्यों को शिक्षा प्रदान की। दीक्षा के समय उनकी परीक्षा लेने के लिए गुरू ने निर्देश दिया कि आश्रम के आसपास जो पौधे है, इनमें से बेकार पौधों की सूची बनाकर लाओ। सभी शिष्य प्रसन्न मन से चले गए। सभी शिष्य अपने-अपने नजरिए से बेकार पौधों की सूची बना लाए। एक शिष्य ने खाली कागज गुरू के सामने रख दिया। गुरू ने पूछा-क्या बात है, तुमने बेकार और फालतू पौधों की सूची नहीं बनाई । शिष्य ने कहा - गुरूदेव ! हर पौधा किसी न किसी गुण से युक्त...

शाह की समझ

नादिरशाह ईरानक का बादशाह था। वह ईरान से अपनी सेवा सहित भारत आ पहुंचा। करनाल में नादिरशाह से हार कर दिल्ली के बादशाह मुहम्मदशाह ने उससे संधि कर ली। संधि प्रस्ताव की बैठक में नादिरशाह को प्यास लगी। उसने पानी मांगा। मुहम्मद शाह ने अपने मंत्री को पानी लाने का इशारा किया। मंत्री ने पहले नगाडा बजवाया। कुछ ही पलों बाद सात-आठ सेवक एक झारे में जल लेकर आते दिखे। एक सेवक झारे को थामे हुए था। दूसरा उस पर छत्र ताने था। तीसरा मखमली कपडा ढक कर धीरे धीरे चल रहा था। चौथा चंवर ढुला रहा था।...

लम्बी जबान

अंग्रेजों ने हिन्दूस्तान पर सैकडों साल तक राज किया। हिन्दूस्तान स्वतंत्र हुआ। जब अंगेज हिन्दूस्तान से अपने देश इंग्लैण्ड की ओर प्रस्थान करने लगे तो किसी भारतीय ने अंग्रेज से पूछा- भैया ! आप लोग वर्षों तक भारत में रहे है, आप एक बात बताएं, भारत के लोगों के बारे में आपकी क्या राय है ? अंग्रेज ने कहा - भारत निश्चित रूप से महान है। इसमें सुई भर भी संशय की बात नहीं है। पर भारत के लोगों की जबान बहुत लम्बी है और हाथ-पांव एकदम छोटे। उस भारतीय ने कहा - कहां है हमारे हाथ-पांव एकदम...

सूई-डोरे की बात

बगीचे के माली के हाथों पडकर सुई मन ही मन फूल उठी। बहुत उत्साहित होकर उसने सैकडों फूलों के दिल बींध दिए। अपनी इस जीत के घमंड में चूर होकर उसने यह भी नहीं देखा कि सैकडों फूलों के दिल बिंधने से बनी मालाओं से उसे कुछ भी नहीं मिला। माली ने सूई को अपनी पगडी के अंतिम सिरे में खोंस दिया। सूई अलग-थलग पड गई। अपनी उपेक्षा पर दुःखी सूई ने धागे को ललकारा- ‘दुष्ट ! इन सुन्दर फूलों पर मेरा अधिकार है। मैंने इनका शिकार किया है, तू क्यों इन्हें बटोरता है ?“डोरे ने उत्तर दिया...

बडा हुआ तो क्या हुआ

नानपोह का निवासी संत त्सुचि एक बार शाड पर्वत पर आराम कर रहे थे। सामने एक बडा वृक्ष दिखाई दिया। त्सुचि के मुख से आश्चर्य मिश्रित उद्गार निकल पडे कि इतना विशाल भी कोई वृक्ष हो सकता है, जिसकी छांह में राहगीर अपनी थकान मिटा सकते है। यह किस प्रजाति का पेड होगा ? त्सुचि सोचने लगे। निश्चय ही इसकी लकडी बहुत उम्दा होगी। जब उन्होंने वृक्ष का निरीक्षण करना शुरू किया तो उन्हें दिखा कि वृक्ष की शाखाएं इतनी टेढी मेढी हैं कि उससे एक जहाजी बेडा बनाया नहीं जा सकता । उसके तने में गांठे भी...

मतीरों का चोर

एक खेत में तूंबे की बेल पर मोटे-मोटे मतीरे लगे थे। एक चोर ने ललचाकर मतीरे चुराने का इरादा बनाया। उसने मौका देखकर मतीरे तोड लिए। एक गठरी में मतीरों को बांध भी लिया। अचानक खेत का मालिक किसान आ गया। चोर मतीरों का गट्ठर कंधों पर रखकर सरपट दौडा। चोर को पकडने के लिए किसान ने भी उसका पीछा किया। रास्ते में नदी आ गई। मतीरों का चोर नदी के पानी में कूद गया। उसने मतीरों को नदी में छिपाने का प्रयास किया वह जैसे जैसे अपने हाथ के दबाव से मतीरों को पानी में दबाता। वैसे...

शराबी का सच

एक प्रसिद्ध सेठ दुनिया की निगाहों से छिपकर शराब पीता था। घरवाली के बार-बार मना करने पर भी वह शराब की लत नहीं छोड सका। एक दिन अपने मकान पर काम कराने के लिए उसने एक कारीगर को बुलाया। बातचीत होने के बाद कारीगर ने कहा - कल ठीक समय पर काम पर आ जाऊंगा। सेठ का काम बहुत जरूरी था, इसलिए उसने उसे दो-तीन बार जोर देकर आने के लिए कहा। सहज भाव से कारीगर ने कहा - सेठजी, मैं कोई शराबी नहीं हूं। मेरी एक बार कही हुई बात पक्की होती है, आप निश्चिंत रहे। शराबी...

अग्निविद्या

लंका का राजा रावण दिग्विजय के लिए निकला। विशाल सेना साथ थी। मार्ग में कुबेर नामक राजा का राज्य आया। कुबेर की राजधानी अमरकंका पर रावण ने चढाई की, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली। इसकी वजह यह थी कि बुकर असालिका नामक विद्या में पारंगत था। इस विद्या से उसने अपनी राजधानी के चारों ओर अग्नि का कोट बना दिया। इसके फलस्वरूप कोई भी उसकी राजधानी में प्रवेश नहीं कर सकता। जीतने का तो सवाल ही नहीं उठता। इस तरह उसका राज्य अजेय बना हुआ था। छह महीने तक रावण ने अमरकंका के बाहर पडाव डाले रखा।...

गधे की कब्र

इजरायल में एक मशहूर यहूदी फकीर रहता था। वह बीमार हो गया। उसकी एक बंजारे ने खूब सेवा की। प्रसन्न होकर फकीर ने बंजारे को एक गधा भेंट किया। गधे को पाकर बंजारा बडा खुश हुआ। गधा बडा स्वामी भक्त था। वह बंजारे की सेवा करता और बंजारा उसकी। दोनों को एक दूसरे के प्रति बहुत लगाव हो गया। फिर बंजारे का यह मानना था कि यह गधा फकीर की दी गई भेंट है तो विलक्षण गधा तो होगा ही। एक दिन बंजारा माल बेचने ेक लिए गधे पर बैठकर दूसरे गांव गया। दुर्भाग्य से गधा रास्ते में...

बडा परिवार

एक सुखी और शालीन परिवार था। परिवार के सभी सदस्यों में बहुत एकता थी। सारा परिवार आनंद के सागर में गोते लगा रहा था। आपस में कभी भी तनाव नहीं होता था। एक जिज्ञासु उस परिवार में आया। दरवाजे में प्रवेश करते ही उसकी भेंट एक युवक से हुई। जिज्ञासु ने कहा- बंधुवर ! मैं एक जानकारी के लिए आया हूं। आपका बडा परिवार एक साथ कैसे रहता है ? उसने कहा - आप अंदर जाएं, मेरे पिताजी से पूछ लें। समाधान मिल जाएगा। जिज्ञासु अंदर गया। प्रश्न प्रस्तुत करते हुए कहा - कृपया समाधान दीजिए। पिता ने कहा- मेरे...

चूडे की चर्चा

एक गरीब औरत किसी सेठ के घर गई। कोई मंगल दिन था। शुभ अवसर पर सेठानी ने सफेद झक चूडा पहना। वह चूडा बहुत ही कीमती हाथी दांत का था। चूडे को देखकर आस-पास की महिलाऐं सेठानी को बधाइयां देने लगी। उस चूडे को देखने के लिए सैकडो महिलाओं का आना-जाना लगा रह। यह सब रौनक देखकर गरीब औरत भी सोचने लगी - मैं भी हाथी दांत का चूडा पहनूं और आस-पास की महिलाओं की बधाइयां प्राप्त करूं। मेरे चूडे को देखने के लिए बहुत से लोग आएंगे। वह अपने घर पहुंची। पति से निवेदन करती हुई बोली...

धनवान का जूता

जापान के एक नगर में धनी आदमी रहता था। एक दिन उसने अपने नौकर को जूता लेने के लिए बाजार भेजा। नौकर जूता खरीद कर वापस लौट रहा था कि रास्ते में वर्षा शुरू हो गई। बरसात में भीगकर जूते खराब नहीं हो जायें, इस विचार से उसने जूतों को कसकर बगल में दबा लिया। जोर से, दबाने की वजह से जूतों का आकार-प्रकार बिगड गया। सिकुडे जूते देखकर धनवान को आवेश आ गया और वह होश खो बैठा। नौकर से बिना कुछ पूछताछ किए उसने जूते से नौकर के सिर पर हमला कर दिया। सिर पर इतने...

आज तेरी छुट्टी, ऐश कर

सामाजिक कल्याण एवं बाल विकास मुत्रालय की पहल पर घोषणा की गई कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों से काम करवाने पर दुकान का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा, वहीं आर्थिक दंड के अलावा जेल की हवा भी खानी पड सकती है। पूरे राज्य में मुहिम चल रही थी। आज अधिकारियों के दल ने शहर के इंदिरा मार्केट पर धावा बोला। सारे सेठ- दुकानदार गिडगिडा रहे थे- ’साहब! गलती हो गई, अब कम उम्र के लडको को नौकरी पर कभी नहीं रखेंगे। गलती हो गई साहब! ’बाबू सबका नाम-पता नोट करते जा रहे थे। तभी बडे...

Intelligence of Birbal

One night, Emperor Akbar dreamt that he had lost all his teeth, except one. The next morning he invited all the astrologers of his kingdom to interpret this dream. After a long discussion, astrologers prophesized that all his relatives would die before him. Akbar was very upset by this interpretation and so sent away all the astrologers without any reward. Later that day, Birbal  entered the court. Akbar related his dream and asked him to interpret it. After thinking for a while...

अकबर और उनकी बेगम

 बादशाह अकबर और उनकी बेगम का अक्सर छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा हो जाता था। एक दिन ऐसे ही दोनों आपस में झगड़ रहे थे तो बेगम बोली, ‘‘आपको सबूत देना होगा कि मुझे वास्तव में प्रेम करते हैं आप। इसके लिए जैसा मैं कहती हूं, वैसा ही करिए। बीरबल को उसके ओहदे से हटाकर मेरे भाई शेरखान को रखें।’’ बादशाह...

बच्चा बना बीरबल

 एक दिन बीरबल दरबार में देर से पहुंचा। जब बादशाह ने देरी का कारण पूछा तो वह बोला, ‘‘मैं क्या करता हुजूर ! मेरे बच्चे आज जोर-जोर से रोकर कहने लगे कि दरबार में न जाऊं। किसी तरह उन्हें बहुत मुश्किल से समझा पाया कि मेरा दरबार में हाजिर होना कितना जरूरी है। इसी में मुझे काफी समय लग गया और इसलिए मुझे आने में Page: 1/4 1 2 3 4 Next >
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